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समाजशास्त्र में पद्धति, प्रविधि,

Method ( पद्धति ) क्या है?

पद्धति ( Method ) - वैज्ञानिक पद्धति सत्य तक पहुँचती है । लेकिन कल्पना द्वारा नहीं यथार्थ तथ्यों द्वारा । यद्यपि सभी विज्ञानों की अध्ययन वस्तु भिन्न होती है परन्तु सभी विज्ञानों में एक पद्धति अपनायी जाती है ।

प्रत्येक विज्ञान चाहे वो प्राकृतिक हो या सामाजिक अपने अध्ययन में वैज्ञानिक पद्धति का प्रयोग करना होगा । वह या तो एक या अनेक पद्धतियों को अपने अध्ययन में प्रयोग कर सकता है । पद्धति वह साधन है जो किसी व्यक्ति को उसके अध्ययन के संदर्भ में कोई निश्चित परिणाम तक पहुँचाती है । वैज्ञानिक पद्धति में एक निश्चित क्रम अपनाना पड़ता है । विज्ञान का आधार ही क्रमबद्ध अध्ययन है । 

गुडे एवं हट्ट के अनुसार विज्ञान की आधारभूत बातें जब समाजशास्त्र के अध्ययन में प्रयोग की जाती है तब इसका अर्थ अवश्य ही पद्धति होता है । 

कार्ल पियरसन ने लिखा है वैज्ञानिक पद्धति निम्न विशेषताओं से पहचानी जाती है । 

( अ ) तथ्यों का सतर्क तथा ठीक वर्गीकरण तथा उनके सह संबंध एवं अनुक्रम का अवलोकन । 

( ब ) रचनात्मक कल्पना ही सहायता से वैज्ञानिक नियमों की खोज । 

( स ) अन्य अवलोकन तथा सभी सामान्य मस्तिष्कों के लिये समान प्राथमिकता की कसौटी । इस प्रकार

पद्धति के प्रमुख चरण- अध्ययन विषय का तथ्यों का वर्गीकरण तथा विश्लेषण , सामान्यीकरण एवं सिद्धान्तों की उत्पत्ति है । प्रथम प्रकार की पद्धति वे होती हैं जो सभी विज्ञानों के समान है । दूसरे प्रकार की वे होती है जो विज्ञान की विशिष्ट प्रकृति के अनुसार प्रयोग में लायी जाती है । समाजशास्त्र में ऐतिहासिक , तुलनात्मक, संरचनात्मक , प्रकार्यात्मक, वैयक्तिक अध्ययन पद्धति आदि प्रयोग में लाते है ।

प्रविधि ( Technique ) क्या है?

मोजर के शब्दों में प्रविधियाँ समाज वैज्ञानिक हेतु वे मान्यता प्राप्त सुव्यवस्थित तरीके है जिन्हें वह अपने अध्ययन विषय से सम्बद्ध विश्वसनीय तथ्य प्राप्त करने को उपयोग में लाता है । इस प्रकार प्रविधि अनुसन्धान के लिये तथ्य एकत्र करने का तरीका है । सर्वेक्षण का महत्त्वपूर्ण कार्य तथ्य संकलन है । तथ्यों को जिस प्रकार संकलित किया जाता है वह ढंग प्रविधि है । प्रविधि एक साधन है जिसमें प्रणाली ( पद्धति ) को कार्यान्वित किया जाता है । प्रणाली एक विस्तृत रूप है 

उदाहरण- किसी अनुसन्धान के लिये वैयक्तिक जीवन विधि एक प्रणाली है । परन्तु इस प्रणाली के अन्तर्गत साक्षात्कार , अवलोकन आदि का प्रयोग कर तथ्य संकलित किये जाते हैं । यह अवलोकन , साक्षात्कार आदि प्रविधि हुई है । मोटर यंत्र है तथा उसे स्टार्ट करने का ढंग एक प्रविधि है । प्रणाली तो प्रविधि व अध्ययन यंत्र को अपने में निहित करे रहती है । प्रविधि प्रकृति या विषय पर नियंत्रण करने के विभिन्न ढंग है । गुडे एवं हट्ट के अनुसार प्रविधियों के अन्तर्गत वे विशेष तरीके शामिल हैं जिनके माध्यम से समाजशास्त्री अपने तथ्यों को अनेक तार्किक या सांख्यिकीय विश्लेषण के पूर्व एकत्रित तथा व्यवस्थित करता है । अवलोकन , निदर्शन , साक्षात्कार , अनुसूची , प्रश्नावली , समाजमिति आदि प्रविधियाँ हैं । 

यन्त्र या उपकरण ( Tools ) क्या है?

यंत्रों या उपकरणों का प्रयोग प्रत्येक विज्ञान में होता है । कोई भी विशेषज्ञ अपनी योग्यता को यंत्रों के बिना प्रदर्शित नहीं कर सकता । सामाजिक सर्वेक्षण के लिये अध्ययनकर्ता को भी यंत्रों या उपकरणों की आवश्यकता होती . है । सर्वेक्षणकर्ता घटना या विषय से संबंधित सभी तथ्य प्राप्त करने का भरसक प्रयत्न करता है तथा अपने अध्ययन के लिये आवश्यक उपकरण- अवलोकन , कार्ड , नोट बुकें , साक्षात्कार निर्देशिका , मानचित्रों आदि को जुटाना है जिनकी सहायता से सूचनादाता अध्ययनकर्ता विषय के सन्दर्भ में अत्यन्त आवश्यक सूचनायें प्राप्त करता है । उपकरण तथा प्रविरियों में अन्तर है । बिना प्रविधि के यंत्र तथा उपकरण बेकार होते हैं । यदि अच्छे उपकरणों का अध्ययनकर्ता उपयोग करता है तो उसका अध्ययन अत्यन्त शुद्ध व स्वाभाविक होता है । कौन से अध्ययन में कौनसा उपकरण प्रयोग किया जाये यह सर्वेक्षणकर्ता पर निर्भर होता है ।

उपकरण यह तो वैज्ञानिक उपकरण है जो खुद कुछ नहीं करते जब तक प्रविधि का प्रयोग न किया जाये यह तो विषय की प्रकृति पर निर्भर करते हैं । उदाहरणार्थ- साक्षात्कार निर्देशिका प्रविधि के अनुसार ही यंत्रों को प्रयोग किया जाता है । उपकरण अध्ययन वस्तु के अनुरूप काम में लिये जाते उपकरण एक वैज्ञानिक आविष्कार है जो निश्चित प्रकार से कार्य करता है । यंत्र को प्रविधि निर्धारित हो जाने के बाद ही निश्चित करते हैं । प्रविधि व यंत्र एक दूसरे अन्योन्याश्रित हैं । पर यंत्र प्रविधि पर आश्रित होते हैं ।

पद्धति और प्रविधि में अंतर

1. पद्धति सम्पूर्ण अनुसंधान में एक ही रहती है। जबकि प्रविधि एक ही पद्धति में कई प्रविधि हो सकती है

2. पद्धति में वैज्ञानिक पद्धति के स्तर के अनुसार ही कार्य करना पड़ता है । इन स्तरों में परिवर्तन नहीं कर सकते । प्रविधि में ऐसा कोई स्तर नहीं होता जिस समय भी अनुसंधान-कर्त्ता उचित समझे उसी प्रविधि का उपयोग कर सकता है ।

3. पद्धति प्रत्येक विज्ञान के लिये समान होती है प्रविधि सभी विज्ञानों की एक सी नहीं होती

4. पद्धति एक वैज्ञानिक प्रणाली है । प्रविधि एक तरीका है । है । यह एक कला है

5. अनुसंधान प्रारम्भ करने से पूर्व पद्धति निश्चित कर ली जाती है ।  । पद्धति निश्चित हो जाने के बाद ही प्रविधि को निर्धारित करते हैं ।

6. पद्धति स्वतंत्र है प्रविधि पद्धति पर आश्रित हैं ।

7. पद्धति के बदल जाने पर प्रविधि को बदल देना आवश्यक हो जाता है ।पद्धति नहीं बदली जाती तब भी अनुसंधानकर्त्ता यदि चाहे तो प्रविधि बदल देता है । प्रविधि बदल देने पर यह आवश्यक नहीं कि पद्धति को भी बदला जाये ।


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